Chancellor’s Message

आदरणीय छात्र-छात्राओं और सभी प्रियजनों,
आज हम सभी एक ऐसे ग्रंथ की बात कर रहे हैं जो केवल एक काव्य नहीं, बल्कि जीवन जीने का संपूर्ण दर्शन है – गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस। यह ग्रंथ हमें भगवान राम के आदर्श जीवन के माध्यम से धर्म, सत्य और मर्यादा का मार्ग दिखाता है।
  • नैतिकता और सदाचार: रामचरितमानस हमें सिखाता है कि एक आदर्श पुत्र, पति, राजा और मित्र कैसे बनें। यह हमें सत्य के मार्ग पर चलने और हर परिस्थिति में धर्म का पालन करने की प्रेरणा देता है।
  • आत्मबल और सकारात्मकता: यह ग्रंथ हमें नकारात्मकता से दूर रहने और अपने भीतर के आत्मबल को जगाने का संदेश देता है। घर में इसका पाठ करने से दिव्यता आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • टीम वर्क और नेतृत्व: भगवान राम और वानर सेना का उदाहरण दिखाता है कि कैसे प्रेम, विश्वास और एकजुटता से बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है। यह हमें एक अच्छे लीडर और टीम मेंबर बनने की सीख देता है।
  • संकटमोचन: जीवन के हर संकट में, यह ग्रंथ हमें प्रभु भजन, दान और समाधि (आत्मचिंतन) का मार्ग दिखाता है, जिससे सभी दुःख दूर होते हैं। “भगत बिपति भंजन सुखदायक” जैसी चौपाइयाँ हमें विश्वास दिलाती हैं कि भगवान भक्तों का दुख हरते हैं। 
आइए, हम सब मिलकर रामचरितमानस के इन अनमोल संदेशों को अपने जीवन में उतारें और एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ प्रेम, करुणा और धर्म का वास हो।
जय श्री राम!
आपका,
[चांसलर का नाम/पद]
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